
बस्ती: ‘साइबर वज्र’ अभियान की बड़ी कामयाबी, 54 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सरगना समेत 4 गिरफ्तार
यूपी पुलिस का साइबर अपराधियों पर 'वज्र' प्रहार: नेपाल से दुबई तक फैला था जाल, 54 करोड़ के घोटाले में बस्ती पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती पुलिस का ‘साइबर वज्र’ प्रहार: 54 करोड़ की महा-ठगी का अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब, सरगना सहित 4 गिरफ्तार
- बस्ती RTO के बाद अब साइबर ठगी का ‘महा-विस्फोट’: 54 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार
- निवेश के नाम पर ठगी का खेल खत्म: बस्ती पुलिस ने तोड़ी साइबर अपराधियों की कमर, 77 शिकायतों के बाद हुआ बड़ा खुलासा
बस्ती, 11 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ छेड़े गए प्रदेशव्यापी अभियान ‘साइबर वज्र’ (Cy-Vazra) के तहत बस्ती पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद की पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने निवेश, शेयर ट्रेडिंग और लोन के नाम पर देशभर के मासूम लोगों को अपना शिकार बनाकर करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। इस गिरोह के मुख्य सरगना सहित चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क द्वारा 54 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के सुराग मिले हैं।
ऐसे शुरू हुआ ऑपरेशन ‘साइबर वज्र’
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा के निर्देशन में बस्ती पुलिस ने पूरी योजना के साथ जाल बिछाया। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के दिशा-निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के नेतृत्व में थाना साइबर क्राइम, एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया इनपुट्स का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने छापेमारी की और गिरोह के सक्रिय सदस्यों को धर दबोचा।
सोशल मीडिया का जाल और ठगी का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने अपना मोडस ऑपरेंडी (अपराध का तरीका) कबूल किया है। ये ठग फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे। ये लोग ‘इन्वेस्टमेंट’, ‘शेयर ट्रेडिंग’ और ‘आसान लोन’ के आकर्षक विज्ञापन चलाकर लोगों को लुभाते थे। कम समय में पैसा दोगुना-तीन गुना करने का लालच देकर ये लोगों से बड़ी रकम फर्जी कंपनियों या कॉर्पोरेट सेक्टर के खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे। पैसा पहुंचते ही गिरोह रकम का बंटवारा कर लेता था।
नेपाल, कंबोडिया और दुबई तक फैली जड़ें
पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी अशफाक अहमद ने बताया कि यह गिरोह केवल बस्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका नेटवर्क दिल्ली, राजस्थान के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल, कंबोडिया और दुबई तक फैला है। आरोपी भारत में फर्जी नाम और फर्मों के जरिए बैंक खाते खुलवाते थे, उनकी नेट बैंकिंग किट सक्रिय करते थे और फिर ये किट विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों को भेज दी जाती थी। विदेशों में बैठे शातिर इन्हीं खातों के जरिए भारत के लोगों को ठगते थे।
77 शिकायतों से खुला 54 करोड़ का राज
पुलिस की जांच में दो मुख्य आरोपियों के खातों के विवरण ने बड़ा खुलासा किया:
- चंद्रकेतु: इनके द्वारा ‘भारत स्टेशनर्स एंड इन्फॉर्मेशन सेंटर’ के नाम पर खुलवाए गए खातों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (NCRP) पर 36 शिकायतें दर्ज हैं। एक वर्ष में इन खातों में करीब एक करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ।
- प्रभात चौधरी: इन्होंने ‘प्रभात इंटरप्राइजेज’ के नाम से खाते खुलवाए थे, जिन पर 41 शिकायतें दर्ज हैं और करीब डेढ़ करोड़ का लेनदेन पाया गया है।
इन पांच बैंक खातों के जरिए अब तक देश भर से 77 शिकायतें सामने आई हैं और ठगी की कुल रकम का आकलन 54 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने घेराबंदी कर निम्नलिखित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- चंद्रकेतु (ग्राम भिरवास, बस्ती)
- प्रभात चौधरी (निवासी कठौतिया, बस्ती)
- श्यामजी चौधरी (ग्राम भिरवास, बस्ती)
- अशफाक अहमद (ग्राम रमवापुर, संतकबीरनगर)
आरोपियों के पास से एक आईफोन-16, ओप्पो और रियलमी स्मार्टफोन, पांच चेकबुक, छह एटीएम कार्ड, जीएसटी दस्तावेज, पैन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र और 6,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। मोबाइल फोन से साइबर ठगी से जुड़ी चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जाएगी।
पुलिस की अपील: रहें सावधान
बस्ती साइबर पुलिस ने जनता को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी ऑनलाइन स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच करें। यदि कोई ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए।

















